8वें वेतन आयोग में आपका वेतन कैसे निर्धारित होगा?
हर केंद्रीय कर्मचारी, रेलवे कर्मी और रक्षा बलों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि "8वां वेतन आयोग (8th CPC) लागू होने के बाद मेरे खाते में आने वाला इन-हैंड वेतन कितना बढ़ जाएगा?"
पूर्व वेतन आयोगों (जैसे 6ठे और 7वें वेतन आयोग) के नियमों के अनुसार, नए बेसिक पे की गणना मौजूदा बेसिक पे में फिटमेंट फैक्टर का गुणा करके और वर्तमान महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक में समाहित करके की जाती है।
पे लेवल 1 से 18 तक संभावित बेसिक पे की तुलना
| पे लेवल एवं पद | वर्तमान 7वां बेसिक | 1.92x फैक्टर | 2.28x संभावित फैक्टर | 2.86x कर्मचारी मांग |
|---|---|---|---|---|
| लेवल 1 (MTS / ग्रुप डी) | ₹18,000 | ₹34,600 | ₹41,000 | ₹51,500 |
| लेवल 2 (LDC / सिपाही) | ₹19,900 | ₹38,200 | ₹45,400 | ₹56,900 |
| लेवल 6 (इंस्पेक्टर / सब-इंस्पेक्टर / नर्स) | ₹35,400 | ₹68,000 | ₹80,700 | ₹1,01,200 |
| लेवल 10 (असिस्टेंट कमिश्नर / कैप्टन) | ₹56,100 | ₹1,07,700 | ₹1,27,900 | ₹1,60,400 |
ग्रॉस वेतन वृद्धि और बेसिक वेतन वृद्धि में अंतर क्यों होता है?
बहुत से कर्मचारी यह सोच लेते हैं कि अगर बेसिक पे दोगुना हुआ तो इन-हैंड वेतन भी 100% बढ़ जाएगा। वास्तव में ऐसा नहीं होता, क्योंकि:
- डीए रीसेट: वर्तमान 53% डीए बेसिक में मिल जाता है और नया डीए शून्य (0%) से शुरू होता है।
- एनपीएस कटौती: एनपीएस मूल वेतन और डीए का 10% कटता है, इसलिए बेसिक बढ़ने पर मासिक अंशदान कटौती भी बढ़ जाती है।